All India Children Personality Development Camp Begins

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Mount Abu / Abu Road: 39th All India Children Personality Development Camp 2018 was inaugurated with candle lighting ceremony by the guests and speakers in the Brahma Kumaris  Shantivan Complex, Abu Road, Rajasthan in the presence of about 3500 invitees including children of different age groups, teachers and parents from various parts of the country, taking part in the camp.

Participating in the Inaugural Session as the Chairperson, BK Nirwair, the Secretary General of the Brahma Kumaris, addressed the children and said, “The best of the children are shown to be the child Krishna and child Radha. Every father and mother expects their children to be like the child Krishna and child Radha. They had divine qualities and virtues in their character and behavior. So, you child should think to be like them by imbibing the spiritual knowledge and Rajayoga education.”

Dadi RatanMohini, Joint Chief of the Brahma Kumaris, while offering her good wishes, said, “Here, the Brahma Kumaris organization is both a school and home for you. Everything is taught here through games and sports. In other educational institutions, children aim at becoming doctors, lawyers and engineers. But, here you have the noble aim of becoming deities like Radha and Krishna through this spiritual study.”

BK Mruthyunjaya, Chairperson of Education Wing, BK Shielu, Vice-chairperson, Education Wing and BK Munni Behnji, General Manager of Brahma Kumaris,  Mount Abu shared their blessings and good wishes.

Dr. BK Harish Shukla, National Co-ordinator, Education Wing, Mount Abu  highlighted the objectives of the camp.

Children will show their talents through various value based activities, competitions, games, cultural programs, spiritual sessions including meditation experience during the camp.

​Hindi News:

बच्चों के संस्कारों के लिए शिक्षा में मूल्यों और बौद्धिक स्पर्धा जरूरी: दादी रतनमोहिनी 39वें अखिल भारतीय बाल व्यक्तित्व विकास शिविर में पहुंचे हजारों नौनिहाल

23 मई, आबू रोड। बच्चों में मूल्यों की कमी और संस्कारों का अभाव चिंता जनक है। नौनिहालों में अच्छे संस्कारों के लिए जीवन में मूल्यों और बौद्धिक स्पर्धा का होना अति आवश्यक है। उक्त विचार ब्रह्माकुमारीज संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने व्यक्त किये। वे ब्रह्माकुमारीज संस्था के शिक्षा प्रभाग द्वारा आयोजित 39वें बाल व्यक्तित्व विकाश शिविर में आये हजारों बच्चों को सम्बोधित कर रही थी। 
उन्होंने कहा कि माता पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को प्रारम्भ से नैतिक मूल्यों के प्रति शिक्षित करना चाहिए। आज के पीढ़ी को संस्कार देना जरूरी है। भौतिकता की चकाचौंध में बच्चों के संस्कार तेजी से बदल रहे है जो आने वाले समय के लिए ठीक नहीं है। इसलिए शिक्षा में मूल्यों के साथ बौद्धिक स्पर्धा का होना अति आवश्यक है। 
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज संस्था के महासचिव बीके निर्वेर ने कहा कि बच्चों को जितना प्यार से सिखायेंगे जल्दी ही उनके मानस पटल पर ये बातें आ जाता है। इसलिए नौनिहालों को पढ़ाई के साथ नैतिक शिक्षा का होना जरूरी है। माता पिता के साथ शिक्षकों को भी संस्कारों के प्रति सजग होना चाहिए। शिक्षा प्रभाग के अध्यक्ष बीके मृत्युंजय ने कहा कि पिछले 39 वर्ष से हजारों बच्चों की जिन्दगी बदली है। पढ़ाई के साथ खेलकूद में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी आवश्यक है। 
कार्यक्रम में शांतिवन की कार्यक्रम प्रबिन्धका बीके मुन्नी तथा शांतिवन प्रबन्धक बीके भूपाल ने कहा कि बच्चों का मन एक खाली बोर्ड की तरह होता है। ऐसे में उनके मानस पटल पर किसी चीज का बुरा असर ना पड़े। शिक्षा प्रभाग के राष्ट्ीय कोआर्डिनेटर बीके हरीश शुक्ला, बीके शीलू समेत कई लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्तत किये। 
चार दिन चलेगा आयोजन: बच्चों का यह आयोजन चार दिन तक चलेगा जिमसें खेलकूद, भाषण प्रतियोगिता, उंची कूद, लम्बी कूद, म्यूजिकल चेयर, पेटिंग प्रतियोगिता, कहानी, डांस प्रतियोगिता, पठन स्पर्धा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, दौड़ आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया जायेगा।