Convention of Political Leaders Begins at Mount Abu

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Mount Abu: The Convention of Political Leaders on the topic “Spiritual Empowerment for Raising Happiness Index” along with the  Silver Jubilee Celebration of Politicians Service Wing began after lighting the lamps at the Harmony Hall of Gyan Sarovar here today. The Delegates of all Political Parties from various states of India and Nepal assembled in large numbers. 

While addressing the Convention, Rajyogi BK Nirwair, Secretary General of Brahma Kumaris Organisation, extended his best wishes and said, “The whole responsibility of the society is on your shoulders.” He said, “Today almost everyone in society has ample resources but happiness – real happiness is lacking in life. Everyone of us has the seed of happiness present within by birth. Happiness is in built in our original soul stage. When we get away from Soul consciousness, the happiness disappears. This is the only mistake we committed to identify Self as a Body. If we remain in Soul conscious state all our divine values and unlimited happiness returns in our lives.

Rajyogi BK Brij Mohan, Chairperson of Political Service Wing, clarified the object of this meet and said that to gain happiness, hard labor is not required but only pure Love. All the work become very easier with love. He said that the way to acquire happiness is very easy but once it is lost it is very difficult to get it back. Happiness is not to be found on searching anywhere outside but our form itself is happiness and bliss being personified. Wealth too comes from happiness. All the values come under the category of wealth that comes in life due to happiness. There are two types of happiness, short term and long term. Material life gives short term happiness and long term happiness comes from Spiritual life. Where does this long lasting happiness exists and where is that place? That place is our own self called Soul, happiness and bliss are in the Soul. Atma or Soul means bliss personified. He said, “You have to feel that experience here. This blissful experience is the only means to raise the happiness index high”.

Arjun Gujarthi, Ex-Speaker, Maharashtra State and NCP Leader stated that a contented man is ever happy. He said, “l traveled all over the world but nowhere found a shop selling happiness. That shop is here in Brahma Kumaris Organisation. Making others happy enhances our happiness. It is a great thing. Politicians can do this because, they are for people and elected by the people”. He further stated, “It is being said that limited facilities give happiness which gets lost with increase of desires because you cannot accumulate all and then mind gets filled with sorrow. So experience the Soul Consciousness for happiness and peace.” He said that this Spirituality will only make you happy. “Nothing is Mine, everything is Your’s” is the only way for happiness.

Hitendra Nath GoswamiSpeaker of Legislative Assembly, Assam said in the welcoming session that politicians and politics are not viewed with right outlook. No parents want their children to enter into politics. He said, “Whenever l found youth in assembly, l used to ask seniors to behave well so the youth may learn from them good ethics”. He said that youth must come in politics for which he had been motivating them. He said, “When good persons come in politics then only its face will change in society. Value based politics can do good to people for which we must adopt in life Spirituality. It is our country’s life. Without Spiritual inner power politicians cannot do any good to the nation.

Bal Bahadur Maharshi, ex Minister, Government of Nepal, extended his best wishes and expressed his thanks to organisers. He said, “Today materialism has gone deep rooted and that is the cause for all our sufferings. Brahma Kumaris are doing a great job to re-establish ethics and spirituality in society. It is praise worthy”. He said that this is the only bond of brotherhood between lndia and Nepal that will further remain so forever.

Abha Mahato, former Minister and MP of Jharkhand wished the program with all success. She questioned, “How can be happiness a nectar of life?” she said, “lt is a pity that for happiness seminars have become necessary in the world”. She said that our politicians can be happy in their life when they work for the people and the society. Today we have become selfish so we lost happiness. Living for others brings happiness. She said, “This land is a heaven on earth and so l feel to stay here forever”. She asked the delegates to take divine energy from this land and work to make the society and the world a heaven. She said , “God is with you”.

Gangaram Saudagar, ex MLA from Telangana, recollected his first arrival at Madhuban, 17 years back for similar seminar, when BK Prakashmani Dadi requested all the members to set aside all their bad habits for at least one year. Then he took up the challenge and since then living a pure and truthful life and keeping himself busy in the service to mankind. 

BK Usha, Co-ordinator of Political Wing in the Head Quarters at Mount Abu, conducted Rajyoga meditation and helped everyone to experience inner peace.

At the beginning a message containing best wishes from Mr. Amit Shah, National President of BJP, was read over. Sister Indrani and group from Mysore, presented Vande Mataram song very enchantingly. Then Madhur Vani group rendered a welcome song under the direction of BK Satish.

BK Vivek, TV Anchor and Poet, Mt Abu read his poem to entertain the delegates.  BK Sapna, Delhi Coordinator of Politicians Wing anchored the whole session.

​Hindi News:

खुद को आत्मा के बदले देह समझने की एकज़ भूल की है मानव मात्र ने : राजयोगी निर्वैर 
माउंट आबू( ज्ञान सरोवर ) 16 जून 2018 आज ज्ञान सरोवर स्थित हार्मनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था, ” राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग ” के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मलेन का मुख्य विषय था – “ख़ुशी का सूचकांक बढ़ाने, आध्यात्मिक सशक्तिकरण. इस सम्मलेन में नेपाल सहित भारत वर्ष के विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधिओं ने भाग लिया। दीप प्रज्वलित करके सम्मेलन का उदघाटन संम्पन्न हुआ।
ब्रह्माकुमारीज़ के महा सचिव राजयोगी निर्वैर भाई ने अपना आशीर्वचन सम्मेलन को इस रूप में दिया। आपने कहा कि आपके कन्धों पर सारे समाज का बोझ है। आज हमारे समाज में प्रायः सभी के पास संसाधन तो सभी हैं मगर ख़ुशी – वास्तविक ख़ुशी का अभाव है। हम सभी के अंदर जन्म से ही ख़ुशी का बीज उपस्थित रहता है। हमारे निज आत्मिक स्वरुप में ख़ुशी समायी हुई है। आत्मा के स्वरुप से दूर होते ही ख़ुशी गायब हो जाती है। एकज़ भूल यही है की हम ने खुद को शरीर माना। इस भूल को सुधार कर जब हम अपनी रियलिटी समझ लेते हैं की हम आत्मायें हैं तब सारे मूल्य और अपरिमित खुशियां जीवन में भर जाती हैं।
राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग के अध्यक्ष , राजयोगी बृजमोहन भाई ने इस सम्मेलन का लक्ष्य स्पष्ट किया और कहा कि ख़ुशी प्राप्त करने के लिए हमेशा मिहनत की नहीं बल्कि मुहब्बत की जरूरत होती है। मुहब्बत से सारे कार्य आसान हो जाते हैं। ख़ुशी का रास्ता आसान है , उसको खोकर फिर पाना कठिन है। ख़ुशी कहीं खोजने की जरूरत नहीं है। बल्कि हमारा अपना स्वरूप ही ख़ुशी और आनंद है। धन भी ख़ुशी से आती है। सारे मूल्य धन की श्रेणी में आते हैं जो ख़ुशी के कारण प्राप्त होती है।
ख़ुशी भी दो प्रकार की होती है, अल्पकालिक और दीर्घकालिक। भोग अल्पकालिक ख़ुशी है जबकि योग दीर्घकालिक ख़ुशी है। दीर्घकालिक ख़ुशी को रखने का स्थान क्या है और कहाँ है ?? वह स्थान है हमारा अपना रूप या स्वरुप। वह है आत्मा। आत्मा में ख़ुशी और आनंद का निवास है। आत्मा खुद ही आनंद स्वरुप है। यहां आपको यही महसूस करना है। ऐसी महसूसता से ख़ुशी का इंडेक्स वृद्धि को पाता जायेगा।

अरुण गुजरती ,पूर्व स्पीकर और काबीना मंत्री, महाराष्ट्र शासन ने आज के अवसर पर अपने उदगार रखे। आपने कहा कि संतोषी नर सदा सुखी। मैं पूरी दुनिया में घूमा मगर ख़ुशी बेचने वाली दूकान कहीं नहीं मिली। ख़ुशी बेचने वाली दूकान यहां , ब्रह्माकुमारीज़ में है। दूसरे की ख़ुशी की वृद्धि करने से अपनी ख़ुशी बढ़ती है। यह एक बड़ी बात है। राजनीतिज्ञ ऐसा कर सकते हैं। क्योंकि वे लोगो के लिए और लोगों के द्वारा निर्मित इंसान है।

आपने कहा की सीमित साधनो में ख़ुशी है। ऑप्शन बढ़ने से ख़ुशी गायब होने लगती है क्योंकि आप सभी कुछ समेट नहीं सकते। और तब मन में दुःख भर जाता है। सच्चा सुख और सच्ची शांति के लिए आत्मिक अनुभूति करिये। यह आध्यात्म ही आपको खुश बना देगा – सब कुछ आपका ,कुछ नहीं मेरा। यही मार्ग है ख़ुशी का।
हितेंद्र नाथ गोस्वामी ,स्पीकर , आसाम विधान सभा (स्वागत सत्र )ने कहा कि: ​राजनीति और राजनीतिज्ञों को सही नज़रों से नहीं देखा जाता।  पेरेंट्स नहीं चाहते की उनके बच्चे राजनीति में जाएँ।  
स्थिति बदलनी चाहिए।  युवाओं को इस तरफ आना चाहिए।  मैंने युवाओं को मोटीवेट किया कि वे राजनीति  में आएं।  
विधान सभा में जब भी कभी युवा उपस्थित होते  थे तो मैं विधायकों को ठीक से व्यवहार करने  का अनुरोध करता था।  
मूल्यवान जीवन जीने वाले विधायक जब बढ़िया व्यवहार करेंगे तो युवा भी प्रभावित होंगे 
अच्छे  लोग जब यहां आएंगे तो राजनीति  का चेहरा बदलेगा 
जब मूल्य आधारित रजनीति होगी तभी हम जनता के लिए काम कर पाएंगे। 
मूल्यों को अपनाना ही होगा जिसके लिए आध्यात्मिकता अनिवार्य है। 
आध्यात्म भारत का प्राण है। 
अगर राजनीतिज्ञों  में आतंरिक बल नहीं होगा तब वे  भला नहीं कर पाएंगे देश का। 
बल बहादुर महर्षि , नेपाल शासन के पूर्व मंत्री ,ने आज अपने उद्बोधन में कहा कि मैं इस आयोजन की सफलता की कामना करता हूँ। आयोजकों को बहुत -२ धन्यवाद्। आज भौतिकवाद काफी गहरा हो गया है। यही है दुःख और तकलीफ की वजह। ब्रह्माकुमारीज़ नैतिकता और आध्यात्म की स्थापना के लिए बड़ा कार्य कर रही हैं। यह कार्य स्तुत्य है। भारत और नेपाल के बीच इन्ही मूल्यों के कारण भाईचारा बना हुआ है और सदैव बना रहेगा।
आभा महतो , झारखण्ड सरकार की पूर्व मंत्री और सांसद ,ने सम्मेलन को अपनी शुभ कामनायें दीं। आपने पूछा कि ख़ुशी जीवन का अमृत कैसे बने ?? आज ख़ुशी प्राप्त करने के लिए सम्मेलनों की जरूरत आन पड़ी है। यह संसार का दुखद पहलू है। राजनीतिज्ञ अपने जीवन में ख़ुशी महसूस करेंगे तब जब वे अपने समाज के लिए और और अपनी जनता के लिए जीवन जीने लगेंगे। आज हम स्वार्थ में लिप्त होकर सिर्फ स्वयं के बारे में सोचते हैं। इसमें ख़ुशी नहीं है। दूसरों के लिए जीना ही ख़ुशी प्राप्त करना है।
आभा जी ने कहा की यह स्थान धरती का स्वर्ग है और मेरा मन तो हमेशा हमेशा के लिए यहीं टिक जाने का करता है। इस स्वर्ग भूमि से शक्ति प्राप्त करके आप अपने समाज को भी स्वर्ग रूप बनाने के कार्य में लग जाईये। ईश्वर आपके साथ है।
पूर्व विधायक , तेलंगाना गंगाराम सौदागर ने ब्रह्माकुमारीज़ से अपने जुड़ाव के बारे में बताया। कहा की आज से १७ साल पहले जब में यहां आया , इस सम्मेलन में तब दादी प्रकाशमणि जी ने सभी को अनुरोध किया था की एक वर्ष के लिए हर प्रकार की बुराईयों से मुक्त हो जाईये। गंगा राम जी सौदागर ने उस चुनौती को स्वीकार किया था और अपने आसुरी जीवन से पूरी तरह किनारा कर लिया। १७ वर्षों से राजयोगी का जीवन बिता रहे हैं और विश्व को बेहतर बनाने के कार्य में रत हैं।
राजनीतिज्ञ सेवा प्रभाग की मुख्यालय संयोजिका राजयोगिनी उषा बहन ने योगाभ्यास करवाया।
कार्य क्रम के प्रारम्भ में ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित भी शाह का सन्देश पढ़ कर सुनाया गया। मैसूर से पधारीं बहन इन्द्राणी और ग्रुप ने वन्दे मातरम् का अद्भुत गायन प्रस्तुत किया। मुख्यालय से मधुर वाणी ग्रुप ने बी के सतीश भाई के नेतृत्व में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बी के विवेक ने भी अपनी सुन्दर कविता प्रस्तुत की।
ब्रह्माकुमारी सपना (दिल्ली ) नें, मंच का संचालन किया।
( रपट : बी के गिरीश, मीडिया, ज्ञान सरोवर, माउंट आबू। )