Felicitation to Brahma Kumaris Chief Dadi Janki ji by Sindhi Society

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The Sindhi Society honoured ​Brahma Kumaris Chief ​Dadi Janki

​​​Devoting life to the service of the people is the greatest honour: Dadi Janki

Abu Road, April 30, 2017: The Sindhi Society of Abu Road honoured the 102-year Dadi Janki, the Chief of Brahma Kumaris Organisation by offering the Citation sheet to her in a special meet organised in the Shantivan Complex in which Shri Rahandamal, the President of the Society, Mohan C. Jhamnani, Secretary of the Society and other officers & dignitaries of the Society were present. A few days earlier, Dadi Janki was awarded with the International Mother Teresa Social Service Award by the International Human Rights Organisation.

On this occasion, Dadi ji said, “If the whole life of human being is devoted to the welfare of the people, there is no bigger award than this. We should try our level best that our life gets devoted for the well​-​being of the people. There is no greater virtue and happiness than this. Because God helps him who helps others. It is for this reason only that the B K Institution has spread throughout the world. This honour, which the Sindhi Society has offered to me, is the honour to God and to the common people. Through this a good message will go to the society. For this, I am grateful to the Sindhi Society.

In this Program, the President of the Sindhi Panchayat Shri Rahandamal said, “It is a matter of glory for us that there is an International Organisation, the Chief of which is Dadi Janki, who is the glory/prestige of the Sindhi Society. Due to her noble association with people, values are being transmitted to the people of the whole world.

On this occasion, Dadi Ratan Mohini, the Joint Chief of Brahma Kumaris, said, “We all are children of the same one Supreme Soul, and are mutually spiritual brothers. So, we have to collectively build a good society, and, in this way, we can do good to others. The Secretary of Sindhi Panchayat, Shri Jhamnani, Kamla Panjwani and others also expressed their views in this program. They have agreed to make Dadi Janki as the patron of Sindhi Panchayat, and all present there supported this with joy and happiness.​

Hindi News:

लोगों की सेवा में जीवन लगाना ही सबसे बड़ा सम्मान-दादी
आबू रोड के पूज्य सिन्धी पंचायत ने किया दादी का सम्मान
 
आबू रोड 30अप्रैल, निसं। ब्रह्माकुमारीज संस्था की मुख्य प्रशासिका 102 वर्षीय राजयोगिनी दादी जानकी का आबू रोड के सिन्धी समाज ने सम्मान किया। संस्था के शांतिवन में आयोजित समारोह में पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष रहंदामल, सचिव मोहन सी झामनानी समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दादी को प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया। यह सम्मान कुछ दिनों पूर्व अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मदर टेरेसा समाज सेवा सम्मान से नवाजा गया था। 
इस अवसर पर दादी जानकी ने कहा कि यदि मनुष्य का पूरा जीवन लोगों के कल्याण में लग जाये तो इससे बड़ा सम्मान कुछ नहीं हो सकता है। हम सभी को यही प्रयास करना चाहिए कि हमारा जीवन दूसरों की भलाई में लगे। इससे बड़ा पुण्य और सुख कुछ नहीं हो सकता है। क्योंकि जो दूसरों की मदद करता है उसकी मदद परमात्मा स्वयं करता है। इसलिए आज ब्रह्माकुमारीज संस्था पूरे विश्व में फैल चुकी है। पूज्य सिन्ध पंचायत ने हमें सम्मानित किया यह परमात्मा का सम्मान है। आम लोगों का सम्मान है इससे निश्चित तौर पर समाज में एक अच्छा संदेश जायेगा। इसे लिए सिन्धी पंचायत का आभारी हूॅं।
कार्यक्रम में पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष रामचन्द्र रहंदामल ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि आबू रोड में एक अंतराष्ट्रीय संस्थान है जिसकी मुखिया राजयोगिनी दादी जानकी जी है। जो सिन्धी समाज की शान है। इनका सान्निध्य में पूरे विश्व में लोगों में मूल्यों का संचार हो रहा है। 
इस अवसर पर संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी रतनमोहिनी ने कहा कि हम सब एक परमात्मा के बच्चे आपस में भाई बहनें इसलिए हमें मिलकर एक अच्छा समाज बनाना है। इससे ही हम दूसरों का भला कर पायेंगे। कार्यक्रम में सिन्धी पंचायत के सचिव मोहन सी झामनानी, कमला पंजवानी समेत कई लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किये। 
इस अवसर पर शांतिवन के मुख्य अभियन्ता बीके भरत ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा उन्हें हर सम्भव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में बीके चन्दा, बीके भानू, बीके अमरदीप समेत कई लोग उपस्थित थे। 
दादी को बनाया संरक्षक: कार्यक्रम के दौरान पूज्य सिंधी पंचायत ने संगठन का दादी को संरक्षक घोषित किया। जिसपर सभी ने सहर्ष सहमति जताई। 
 
30एबीआरओपी, 1, 2, 3, 4 दादी का सम्मान करते अतिथि, उपस्थित सिन्धी समाज