International Conference-cum-Cultural Festival at Mt. Abu Begins Today

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Mt Abu / Abu Road, 23 Feb 2018: Mr Sudarshan Bhagat, Honorable Minister of State for Tribal Affairs, Government of India, New Delhi, while addressing the Reception cum Felicitation Session of International Conference-cum-Cultural Festival on topic “God’s Plan:Rajyoga for World Peace, Health & Happiness” as Chief Guest,  said that spirituality is the only solution for all problems.

In the presence of distinguished guests from different parts of globe, International Conference-cum-Cultural Festival was held at beautifully decorated Diamond Hall in Shantivan campus, Abu Road, Rajasthan.

Prof. Tolebay Rakhybekov, Chairman of the Board of Directors, Medical University, Astana, Kazakhastan and Prof. Liubov Gordina, President, Noospheric Spiritual Ecological World Assembly(NSEWA), Moscow, Russia were the Guests of Honour. Mr. Atul Agarwal, Editor-in-Chief, Hindi Khabar, Noida and many other eminent people across India participated in the reception session.

Honoring of Dadi Jankiji, Chief of Brahma Kumaris with “Dr. APJ Abdul Kalam World Peace Award” by Dr. Anthony Raju, Global Chairman, All India Council of Human Rights, Liberties & Social Justice, was the highlight of the program.

Rajyogi B.K. Nirwair, Secretary General of Brahma Kumaris; Dadi Ratan Mohini, Joint Chief  of Brahma Kumaris; BK Sonja Ohlsson, Director, Brahma Kumaris, Denmark, BK Valeriane Bernard from Switzerland, BK Dorothy from New York, BK Maureen from London, BK Vedanti from Africa, shared their inspirations and blessings.

B.K. Mruthyunjaya, Executive Secretary of Brahma Kumaris and Program Organising Secretary welcomed everyone marking the auspicious beginning of the conference.

Hindi News:

राजयोग और आध्यात्मिक ज्ञान में संसार की सभी समस्याओं का समाधान-भगत
अंतरराष्ट्रीय मंच से चार दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन एवं सांस्कृतिक महोत्सव का आगाज, विदेशी मेहमानों की उपस्थिति ने बढ़ायी कार्यक्रम की गरिमा
 
आबू रोड, 23 फरवरी, निसं।  सतरंगी झिलमिलाती रोशनी, विदेशी मेहमानी की गरिमामयी उपस्थिति के बीच विश्व शांति का संदेश देते हुए चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महासम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार शाम को किया गया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि भारत सरकार जनजातीय मामलों के राज्य मंत्री सुदर्शन भगत ने कहा कि आज दुनिया में जहां संघर्ष और टकराव की स्थिति है, ऐसे में इस विद्यालय के माध्यम से ही राजयोग से खुशी और स्वास्थ्य आ सकता है। विश्व की सभी समस्याओं का समाधान आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग से ही सम्भव है। ब्रह्माकुमारी विश्व विद्यालय विश्व शांति, विश्व बंधुत्व और यौगिक खेती को लेकर विश्वभर में बहुत ही बढिय़ा कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा समय-समय पर लोगों में शांति के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके साथ ही संस्थान लोक कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग कर रहा है। यहां चार दिन तक देश-विदेश से आए विद्वान राजयोग से विश्व शांति, स्वास्थ्य एवं खुशी को लेकर मंथन करेंगे। इसमें लोगों को आनंद आएगा। राजयोग के माध्यम से ये विद्यालय विश्व कल्याण का कार्य कर रहा है।
ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी ने कहा कि आप सभी अपने घर में आए हैं। यहां से सभी खुश होकर जाना। समस्त दुनिया एक परिवार के रूप में है। बशर्ते उस भाव को समझना होगा। यही एक ऐसा मंत्र है जिससे विश्व शांति हो सकती है।
राजयोग से मिलती है मानसिक शांति: गॉर्डिन
मास्को रशिया से पधारीं विदेशी मेहमान नोओस्फियरिक एप्रीचुअल इकोलॉजिकल वल्र्ड असेंबली के अध्यक्ष प्रो. लीउबॉव गॉर्डिन ने कहा कि राजयोग से ही विश्व शांति आएगी। इसके अभ्यास से लोगों को काफी फायदा हुआ है। साथ ही मानसिक शांति मिली है।   अस्ताना कजाकिस्तान से पधारे अतिथि मेडिकल यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के चेयरमैन प्रो. टोलेबाय रक्षीपाकोव ने कहा कि इस संस्था के ज्ञान से मुझे बहुत फायदा हुआ है। राजयोग से लोगों में बदलाव आता है। जल्द ही यहां की बहनों को हमारे विवि में बुलाएंगे ताकि इसका लाभ विद्यार्थियों को मिल सके।
संयुक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी ने कहा राजयोग के बिना विश्व शांति संभव नहीं है। संस्था के सचिव बीके निर्वैर भाई ने शुभकामना देते हुए इसका लाभ लेने की अपील की।
नोयडा हिंदी खबर के एडिटर इन चीफ अतुल अग्रवाल ने कहा कि जीवन में सुख शांति और तरक्की का मार्ग खोलना है तो उसके लिए आध्यात्म और राजयोग के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है। यह मेरा व्यक्तिगत अनुभव है। इस संस्थान में प्रवेश मात्र से ही जीवन में सुख और आनन्द की अनुभूति होने लगती है। स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम संयोजक बीके मृत्युंजय ने कहा यह तीन दिनों का कार्यक्रम जिन्दगी के महत्वपूर्ण क्षण साबित होंगे।
डेनमार्क में ब्रह्माकुमारीज की डायरेक्टर बीके सोनजा ओहल्सन, स्वीट्जरलैंड की डायरेक्टर बीके वैलेरिअन बर्नार्ड, यूके में डायरेक्टर बीके मौरिन गुडमन समेत कई लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये।
महासम्मेलन में अफ्रीका की क्षेत्रीय निदेशिका बीके वेदंती बहन ने सभी को राजयोग मेडिटेशन की गहन अनुभूति कराई। ईशु दादी और जनरल मैनेजर बीके मुन्नी बहन ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
 
राजयोगिनी बहनों का सम्मान
ब्रह्माकुमारीज संस्थान में विदेशों में जुड़ी बड़ी संख्या में बहनो का नारी शक्ति के रूप में सम्मान किया गया। इस अवसर पर उन्हें माला और मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया।
 
आदिवासी युवाओं को सरकारी योजनाओं का दिया जायेगा लाभ-भगत
 
आबू रोड, 23 फरवरी, निसं। केन्द्रिय जनजातीय मंत्री सुदर्शन भगत ने कहा कि आदिवासी तथा पिछड़े लोगों के विकास  के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की कई योजनायें है जिससे लोगों का जीवन बदल सकता है। वे ब्रह्माकुमारीज संस्था में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जो केन्द्र से पैसा आ रहा है वह लोगों तक पहुंचे। तीरंदाजी समेत कई विशेषताएं है जिसके लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जायेगा। हो सके तो उनके लिए विकास केन्द्र समेत कई चीजें स्थापित की जायेगी।
फोटो, 23एबीआरओपी1, 2, 3, 4, 5 कार्यक्रम में उपस्थित जन समुदाय, सम्बोधित करते केन्द्रिमंत्री, देश विदेश से आयी राजयेागी विदेशी बहनों का सम्मान