Media Persons Exhorted to Make Right Choices, Discerning Decisions to Face New Challenges

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Mt. Abu(India):Considering that mass media had become the most powerful medium and catalyst for social change, media persons were exhorted to make right choices and discerning decisions to face of new challenges.

The call was given through an Action Plan adopted in the Valedictory Session of the National Media Conference on “Values & Meditation for Inner Empowerment of Media Professionals” that was organised by Media Wing of Brahma Kumaris organization’s Rajyoga Education & Research Foundation. The Conference hosted at Brahma Kumaris’ Academy for a Better World, Gyan Sarovar, Mount Abu got concluded last night with participation of more than 500 media professionals, academicians and experts from different states.

The plan said “Since there is dearth of positivity in people’s life, society and modern mass media and due to unprecedented spurt in negativity, conflicts, confusion, crimes, corruption, vices and violence all around media professions have to act and live as positive, powerful and proactive change agents for the much needed social transformation.

“For this transformational change in society media persons themselves need to undergo and lead a silent, strong, creative, courageous and committed process of self-transformation and self-regulation in consonance with their inner voice and conscience.

“To facilitate and fortify this continuous process of self change, media professionals got to enhance their inner powers, potentiality and soft skills apart from sharpening their media hard skills from time to time.

“For such inner empowerment which is the need of the hour to face, fight and finish inner and outer. Challenges and stress media persons need to embrace the time tested self-regulatory values like truth, justice, peace, harmony, order, objectivity, integrity of character, credibility, courage, creativity, contentment, social responsibility and public welfare.

“To sustain and strengthen these media core values in their profession and to restore holistic health, harmony and happiness in self and society, the journalists need to undergo the process of self-empowerment by practicing and promoting spiritual wisdom, universal values, Rajyoga meditation, simple, positive and healthy life style in their daily routine.

For furtherance of this crucial cause of self-empowerment, self-transformation and social betterment, media persons have to enhance the quality and quantity of positive, healthy and inspirational inputs in their media contents, publications, program production and mass communication.

“To make available the broader benefits of inner empowerment to their media fraternity and families, the participating media persons assured to arrange spiritual programmes, talks, seminars, workshops and meditation sessions in their respective areas.

Realising the importance of spirituality as the basis for building better human life, profession, culture and society, they will endeavor to share and spread the awareness among fellow journalists and media organisation, on the need for integrating spiritualism for achieving excellence in journalism. They will actively promote and popularize the value based journalism courses, campaigns and forums supported by Media Wing of the Brahma Kumaris organisation, all over India and abroad.

In the Valedictory session, Jaipur legislator Mohan Lal Gupta, speaking as chief guest, said media shares substantial credit in strengthening Indian democracy. He also said that Rajyoga preached by Brahma Kumaris was capable of combating terrorism and appealed to media join the holy campaign in this regard. “Our prime target should be to promote peace across the world and positive thinking and truthful reporting can help achieve this, he added.

Press Council member Rajiv Ranjan Nag urged the Union Government to constitute Media Council to bring all streams of media in its ambit. This, he felt will help in fighting out vices also that haunt the mass media at present. The country needs a vibrant media and decks should be cleared in this sphere.

Dr. BK Yudhishthir, Associate Editor, the World Renewal; Kalyan Singh Kothari, Secretary, Lok Samvad Sansthan; BK Gangadhar, Editor, Om Shanti Media were among the speakers in the valedictory session that was presided over by BK Atam Parkash, National Coordinator, Media Wong. Wing’s HQ coordinator BK Shantanu thanked the participants. EOM

Hindi News

आंतरिक सशक्तिकरण के लिए विश्वसनीयता व रचनात्मकता ही मूलमंत्र
सामाजिक दायित्व निभाने के आह्वान के साथ सम्पन्न हुआ मीडिया महासम्मेलन

माउंट आबूज्ञानसरोवर। मीडिया कर्मियों के आंतरिक सशक्तिकरण के लिए मूल्य एवं योगाभ्यास विषय पर ब्रह्माकुमारीज् द्वारा मीडिया प्रभाग के बैनर तले आयोजित तीन दिवसीय महासम्मेलन एक कार्ययोजना स्वीकार करने के साथ सम्पन्न हो गया।

संस्था के ज्ञानसरोवर परिसर में लगभग पाँच सौ मीडिया कर्मियों की सहमति से स्वीकार की गई कार्ययोजना में कहा गया कि सामाजिक परिवर्तन के लिए जनसंचार सशक्त माध्यम के साथ उत्प्रेरक का कार्य कर रहा है। मीडिया को अपने समक्ष आ रही चुनौतियों का सामना करते हुए सही दिशा में निर्णय लेना चाहिए। नकारात्मकता, विवाद, अपराध, भ्रष्टाचार, हिंसा व क्रोध आदि बुराइयों के फैलाव पर अंकुश लगाने में सहयोगी बनते हुए आंतरिक परिवर्तन के लिए योगाभ्यास व राजयोग को अपनाना बेहतर होगा। आंतरिक सशक्तिकरण के लिए विश्वसनीयता, रचनात्मकता के साथ आम आदमी की समस्याओं के निवारण में सहयोग करना मीडिया का नैतिक धर्म है। आध्यात्मिकता एवं मूल्यों के विकास के लिए स्वस्थ सामग्री परोसनी होगी। आध्यात्मिकता के महत्व को समझने व महसूस करने के बाद पत्रकारिता में उत्कृष्टता लाना आसान हो जायेगा।

समापन सत्र के मुख्य अतिथि जयपुर के विधायक मोहन लाल गुप्ता ने कहा कि भारत में लोकतंत्र यदि अब तक जीवित है तो इसके श्रेय में पत्रकारिता प्रमुख स्थान रखती है। मीडिया के लिए स्वतंत्रता तो जरूरी है लेकिन उच्श्रृंखलता से बचाव करना चाहिए। विश्व बंधुत्व की स्थापना के लिए यह जरूरी है कि आतंकवाद खत्म हो। राजयोग आतंकवाद को समाप्त करने में कारगर सिद्ध हो सकता है। निजी जीवन के स्वार्थों से ऊपर उठकर विश्वबंधुत्व का प्रसार करने में मीडिया निर्णायक भूमिका निभा सकता है। विश्व कल्याण के लिए कार्यरत ब्रह्माकुमारीज संस्था ने मीडिया को जो मंच प्रदान किया है उसका अधिकाधिक सदुपयोग किया जाना चाहिए।

लोकसंवाद संस्थान जयपुर के सचिव कल्याण सिंह कोठारी ने मीडिया को आस्था व विश्वास के साथ कार्य करने की सलाह दी। प्रेस परिषद के सदस्य राजीव रंजन नाग ने दावा किया कि पूरी दुनिया में अब भी पाठकों का प्रिंट मीडिया पर ज्यादा भरोसा है। सूचना प्रोद्योगिकी का लाभ मीडिया के अलावा शिक्षा जगत व प्रशासन को विशेष रूप से मिला है लेकिन इससे हमारी कार्यप्रणाली में तनाव व समस्या भी बढ़ी है। तनाव दूर करने के लिए राजयोग सर्वोत्तम माध्यम है। उन्होने प्रेस परिषद के स्थान पर मीडिया परिषद स्थापित करके सभी दूरसंचार साधनों को उसके दायरे में लाने की मांग उठायी।

ओमशान्ति मीडिया के सम्पादक ब्र.कु.गंगाधर ने परिवर्तन के दौर में मूल्यों को धारण करके उलझनों पर विजय पाने का परामर्श देते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था मूल्यनिष्ठ जीवनधारा का प्रसार करके सशक्त विकल्प प्रदान कर रही है।

सत्र को सम्बोधन करने वालों में द वर्ल्ड रिन्यूवल पत्रिका के सह सम्पादक ब्र.कु.युद्धिष्ठिर, भोपाल के सह जनसम्पर्क अधिकारी राजेश पाण्डे शामिल थे। अध्यक्षीय सम्बोधन में मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक ब्र.कु.आत्मप्रकाश ने कहा कि आजादी के बाद भारत में विकास तो बहुत हुआ लेकिन आम आदमी का दुखदर्द कम नहीं हुआ। मीडिया कर्मा अपनी लेखनी से आम आदमी की समस्याओं के निवारण में सहयोगी बनकर राहत प्रदान कर सकते हैं।

इससे पूर्व आज की पत्रकारिता, इसकी चुनौतियों और अवसर विषय पर मीडिया अभिक्रम समिति के राष्ट्रीय संयोजक प्रो.कमल दीक्षित की अध्यक्षता में टॉक शो आयोजित किया गया। इसके प्रतिभागियों में डॉ.बिन्नी सरीन, ब्र.कु.गिरीश, डॉ.श्रीगोपाल नारसन रूड़की, डॉ.हरदीप सिंह लुधियाना, अशोक चतुर्वेदी जयपुर, डॉ.मनोज कुमार लोढ़ा जयपुर, वाई.बाबजी हैदराबाद, वरिष्ठ पत्रकार एन.के.सिंह ने भाग लिया। टॉक शो का संयोजन पीस ऑफ माइण्ड टीवी के समाचार सम्पादक ब्र.कु.कोमल ने किया।

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