National Media Conference Inaugurated at Mount Abu, India

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Abu Road, September 16: Media experts and professionals today stressed the need for the mass media to promote values and show a new direction to society, noting that it was the only institution that could remove the negative tendencies prevalent in the country.

Noting the increasingly materialistic attitude of people, and the reports of crime, corruption and violence that dominate the daily news, they urged media persons to empower themselves spiritually in order to serve society better.

More than 1,300 delegates from the fields of advertising, media and public relations have gathered at the Shantivan campus of the Brahma Kumaris here for a four-day national conference on Spiritual Wisdom and Rajyoga for Peace and Happiness — Role of Media, which began today.

Addressing the inaugural session, S. Narendra, former information advisor to the prime minister, said that while a communications revolution had put a mobile phone, a powerful media tool, in nearly everyone’s pocket, we need to use the media effectively to influence youth, who are the future of the country.

Religious TV channels had a huge potential and could be used to show a new direction to youth, he said, adding that the content of those channels would have to be packaged differently to make it relevant to youth.

“Just as we are now only a ‘click away’ from many things, we are a click away from God”, he remarked.

Dr. Ajit Pathak, National President, Public Relations Society of India, said that there was now no trust between the executive, the legislature, the judiciary and the media, and public relations could help restore trust.

Noting that the media had moved away from values and was now guided mainly by commercial interests, he said a positive attitude would enable the media to give a new direction to society.

Earlier, delivering the keynote address, Prof. Kamal Dixit, National Convener, Society of Media Initiative for Values, said that in spite of the material progress achieved in recent decades, people were searching for something more.

“Love, kindness and compassion are the values on the basis of which we can make the world better”, he said, adding that media persons will have to change if the media is to help make the world better. He urged media professionals to introspect and empower themselves spiritually for this purpose.

B.K. Mruthyunjaya, Vice-chairperson of the Education Wing of the Brahma Kumaris, said the world was precariously poised on a pile of bombs, and it was the duty of the media to defuse this dangerous situation.

All humans want peace, happiness, health and wealth, he noted, and called on the media to help create a crime-free society, disease-free minds and bodies, and a pollution-free environment.

He highlighted the campaigns launched by the Brahma Kumaris to empower girls, promote cleanliness and road safety, and eradicate malnutrition, and appealed to the media to help make them successful.

B.K. Nirwair, Secretary General of the Brahma Kumaris, said spirituality was not just for the elderly, and it could be used by everyone to achieve goals higher than mere professional success. The media, he said, had a role to inform as well as reform people.

M. B. Jayaram, Chief Mentor, Public Relations Council of India, said the pen was mightier than weapons and, if used to whip up anger, could unleash wars. He therefore urged the media to advocate peace.

Dr Rajeev Tyagi, Pro-Chancellor, Motherhood University, Roorkee, said the immoral cut-throat competition we see in the world was the result of the absence of values in society.

Outlining the objectives of the conference, B.K. Karuna, Chairperson of the Media Wing of the Brahma Kumaris, said that politicians and the judiciary could not bring about all the change we want to see in the country, and the media should also contribute to this task.

He urged the delegates to realise their spiritual identity and help to bring India’s value-based culture before the world.

B.K. Sheilu, a senior meditation teacher, conducted guided meditation to give the delegates an experience of inner peace.


​Hindi News

बारूद के ढेर पर बैठी  दुनिया को बचाने का मीडिया में है दम
मीडिया महासम्मेलन के उदघाटन सत्र में पहुँची कई हस्तियां​​

आबू रोड, 16सितम्बर, निसं। ब्रह्माकुमारीज़ के मीडिया प्रभाग द्वारा आयोजित महासम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता सोसायटी आफ मीडिया इनीशियेटिव फार वेल्यूज के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. कमल दीक्षित ने कहा कि बारूद के ढेर पर बैठी दुनिया को तबाही से बचाने का दम मीडिया में है । जरूरत इस बात की है कि हम चिन्तन करें और समाज को सही दिशा की  ओर ले जाने का नेक नीयती से प्रयास करें। आध्यात्मिक प्रज्ञा एवं राजयोग द्वारा शांति तथा आनंद की प्राप्ति में मीडिया की भूमिका विषय पर आयोजित सम्मेलन मेें प्रो. दीक्षित ने कहा कि योग व आयुर्वेद तो सदियों पुराने हैं लेकिन बाबा रामदेव के अभियान को जब मीडिया ने जन-जन तक पहुँचाया तो ये हर घर में पहुँच गये। मीडिया विश्व परिवर्तन का पहरूआ बन सकता है यदि ये अपनी शक्ति पहचाने और इसका सदउपयोग करे ।

प्रभाग के अध्यक्ष ब्र. कु. करूणा भाई ने कहा कि सत्यम शिवम सुन्दरम का बोध कराने वाली ब्रह्माकुमारी संस्था का ज्ञान मीडिया के माध्यम से प्रत्येक मनुष्य तक पहुँचायें और भारत की प्राचीन व समृद्ध संस्कृति को सामने लाते हुए स्वर्णिम भारत बनाने में सहयोग करें । मीडिया की सहभागिता से भारत को विश्व गुरू के रूप में स्थापित किया जा सकता है।

संस्था के महासचिव ब्र. कु. निर्वेर भाई ने कहा कि दुनिया में नकारात्मकता व हिंसा के बढ़ते प्रभाव का कारण यह है कि अधिकतर लोगों की सोच सकारात्मक नहीं रही मीडिया मात्र सूचना देने तक सीमित न रहकर समाज को सुधारने और लोगों को सही जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करे। चार पूर्व प्रधानमन्त्रियों के सूचना सलाहकार रहे एस. नरेन्द्र ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्था विश्व शांति का सन्देश पूर्ण निष्ठा व लगन से प्रसारित कर रही है। मीडिया का धर्म है कि परोक्ष में झांकते हुये स्वंय को सशक्त बनाने का प्रयत्न करे।

पब्लिक रिलेशन्स कौंसिल आफ इंडिया के मुख्य प्रेरक एम.बी. जयराम ने मीडिया को निहित स्वार्थों के प्रभाव से बचाने पर जोर देते हुये कहा कि नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए । सकारात्मक चिन्तन व लेखन के लिए शान्त मन , सन्तुलित सोच व सही दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।

मदरहुड विश्वविद्यालय रूडक़ी के प्रो-उपकुलपति डा. राजीव त्यागी ने कवितामयी संबोधन में इस बात पर चिन्ता जताई कि मानवीय संवेदनायें तेजी से दम तोड़ रही हैं। इस स्थिति को बदलने पर मीडिया को गम्भीरता से विचार करना चाहिए । संस्था के शिक्षा प्रभाग के उपाध्यक्ष ब्र. कु. मृत्युंजय भाई ने ब्रेकिंग न्यूज को मेकिंग न्यूज में परिवर्तित करने का आव्हान करते हुये कहा कि मीडिया अपराध व प्रदूषण मुक्त समाज की संरचना करने में अहम भूमिका निभा सकता हेै।

शिवशक्ति नृत्यशाला बेंगलुरू के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत स्वागत नृत्य व अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन से उदघाटित समारोह के अन्तिम वक्ता भारतीय जनसंपर्क संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. अजीत पाठक ने कहा कि विश्व की सबसे पुरानी संस्कृति से जुड़े और सबसे बड़े लोकतन्त्र भारत के मीडिया  के सामने विश्वास पुर्नस्थापित करना सबसे बड़ी चुनौति है। समाज के उस वर्ग को जागृत करने की जरूरत है जो मूल्यों से अपनी दूरी निरन्तर बढ़ा रहा है। ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा आयोजित सम्मेलनों का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए यह जरूरी है कि मीडिया कर्मी आत्म चिन्तन, मन्थन करें और अच्छी बातों को बखूबी प्रस्तुत करें ताकि लोगों को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिले।​

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