7-Day Diamond Project for the Management of Diabetes Inaugurated at Brahma Kumaris HQ

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Abu Road : The Medical Wing of the Brahma Kumaris’ Rajyoga Education and Research Foundation organised a camp on “Diamond Project for the Management of Diabetes” for a week at Manmohinivan Complex in Shantivan, Abu Road.  More than 50 people from Gujarat came to attend this camp with their Blood Sugar levels of 200 to 400. They came not only to become free from Diabetes but also to learn the ways and means to remain healthy in life.

It was the seventh time Dr. Shrimanth Sahoo, Diabetologist from the Brahma Kumaris Head Quarters, Mount Abu, successfully conducted this program, during this 7-day Diamond Project.  The camp included a 3-day practical schedule for the patients consisting of regular meditation, easy exercises, proper timely diet, and medicines. To study the results and any side effects, their legs, eyes, dental, ECG, Thyroid, and Lipid profile were checked and timely medicines were given. Within 3 days their Blood Sugar levels were found to have become normal.

In the closing session of the camp, Sister BK Gopi from London, Dr. Pratap Midda, Medical Director of the Global Hospital Research Centre, Mt. Abu, and Dr. Srimanth Sahoo spoke about the Project and Aim and Objective of the Camp. They said that to remain healthy in life it is most essential to properly follow a daily routine of Rajayoga meditation, regular exercises and prescribed diet with attention. This is the only weapon by which man can live a long and healthy life. It has been clearly proven in 3 days.

Dr. Pratap Midha and Dr. Banarasi, Secretary of the Medical Wing, said that if we are careful in our life we can never become a patient. They said that due to the wrong lifestyle, for the last few years the number of patients with Diabetes greatly increased. So if we are not alert while there is still time in life, the time ahead will become very hard for us. Therefore through Rajayoga Meditation and Spiritual Wisdom, the human mind is empowered and thereby it becomes possible to have control over diseases of the body.

News in Hindi:

दिनचर्या बदलिए, मधुमेह पर नियंत्रण पाईये – डॉ श्रीमंत
मनमोहिनीवन में तीन दिवसीय मधुमेह शिविर में जुटे लोग
 
आबू रोड, 3 मई, निसं। ब्रह्माकुमारीज संस्था के मनमोहिनीवन में 27 अप्रैल से 3 मई तक मेडिकल विंग द्वारा एक डायबिटिक कैंप आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गुजरात से 50 से ज्यादा मधुमेह पीडि़तों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में आये पीडि़तों ने मधुमेह से निजात पाने का ही नहीं बल्कि नियंत्रित कर स्वस्थ रहने के तौर तरीके भी सीखे। 
 
इस कार्यक्रम के संयोजक मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ श्रीमंत साहू ने डायमंड प्रोजेक्ट फॉर मैनेजमेंट ऑफ डायबिटीज के अंतर्गत आयोजित किए जाने वाले यह  सातवें कैम्प में सुबह से शाम से पूरी दिनचर्या के तहत शिविर का संचालन किया। कैम्प में आये शिविरार्थियों में से अधिकांश 200 से 400 के बीच शुगर लेकर आए थे।  यहां पर उन्हें मेडिटेशन के साथ व्यायाम उचित भोजन तथा सही मात्रा में दवाइयां दी गई। उनमें डायबिटीज के साइड इफेक्ट चेक करने के लिए उनके उनके पैरों का चेकअप आंखों का चेकअप के लिए पैरों का चेकअप, दांतों का चेकअप, ईसीजी, थायराइड, लिपीड प्रोफाइल चेकअप कर के उन्हे सही दवाई दी गई, जिससे तीन ही दिनमें उनके ब्लड शुगर सामान्य स्तर पर आ गई।  
 
इस कार्यक्रम के समापन सत्र में लंदन से आयी बीके गोपी तथा ग्लोबल हास्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रताप मिडढा, मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ0 श्रीमंत साहू ने इस कैंप का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि जीवन में यदि स्वस्थ रखना है तो उसके लिए दिनचर्या, खानपान राजयोग ध्यान, व्यायाम का ध्यान रखना जरूरी होगा। यही एक शस्त्र है जिससे मनुष्य अपनी लम्बी और स्वस्थ जीवन जी सकता है। यह तीन दिनों के कैम्प में स्पष्ट हो गया है। इसी क्रम में डॉ प्रताप मिढा तथा मेडिकल प्रभाग के सचिव डॉ बनारसी ने कहा कि यदि हम अपने जीवन के प्रति सचेत रहे तो हमारा जीवन कभी भी रोगी नहीं हो सकता है। 
 
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह से लोगों की गलत जीवनशैली के कारण मधुमेह बढ़ा है। ऐसे में समय रहते हम नहीं चेते तो आना वाला समय हमारे लिए अति कठिन होगा। राजयोग ध्यान और आध्यात्मिक ज्ञान से मानव का मन सशक्त होता है और उससे शरीर की व्याधियों पर भी नियंत्रण हो सकता है।