Value-Based Education and Yoga will be Taught at Government Institutes in Jharkhand: Governor Draupadi Murmu

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Jamshedpur: “Value-based education and yoga will be taught at government schools and higher academic institutes in Jharkhand”, Governor Draupadi Murmu announced this while inaugurating the one-day educationalists’ conference on “Values, Yoga & Spirituality for Global Transformation” at Jamshedpur Women’s College.

The Governor said, “Recently I spoke to the education secretary with regards to start value based education and yoga at primary classes in government schools. The department will consider for incorporating yoga into school syllabus to make students mentally fit and healthy.”

She informed that the Brahma Kumaris and Education wing of Rajyoga education and research foundation (RERF) has signed an MoU with Ranchi University to start value based education in colleges. “Other than trying hard for getting maximum marks in different subjects, students will implement value based spiritual thoughts in their life, if it is being incorporated into their syllabus. Yoga and values are needed to be implemented in life in order to enjoy the eternal happiness”, the governor said.

The governor had attended various value based spiritual and yoga classes when she was passing through disaster in family life earlier. It was preaches and eternal thought of life that she could overcome from mental stress and distress after facing personal problems in her life.

Rajyogi B.K. Mruthyunjaya, Executive Secretary of Brahma Kumaris, Mount Abu, Rajasthan said, “The society is going through criminalization of human life, communalization of humanity and commercialization of education. A value based yoga and spiritual transformation is required to bring peace and happiness in the society instead of imparting certificate based education. Value based courses should be taught to students in schools and colleges for spreading happiness in the society”.

Vice chancellor of Kolhan University Shukla Mahanty said that value education was a course in B Ed in the Jamshedpur Women’s College. The university is planning to start such courses in all its 16 constituent colleges, she added.

“The main focus of this conference was on values, yoga and spiritual well-being on a global transformational level. It aims at drawing attention of students and teachers alike towards the importance of values, the effects of meditation in the development of the mind and the influence of concentration towards spiritual well-being.

This in turn will lead to the development of values like inner peace, satisfaction and happiness. And this small change starting within every individual will lead to a transformation on a global level,” said an official of the college.

Brahma Kumaris Regional Co-ordinators  of Bengal, Orissa, Rajasthan B.K. Shefali Behn; B.K. Leena Behn; B.K. Supriya Behn are addressed the conference. The participants included college Principals, Professors, Deans, Readers, Heads of Department, Assistant Professors, students and others.

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सभी विवि में शुरू होगी योग और नैतिक शिक्षा की पढ़ाई : राज्यपाल

जमशेदपुर: कोल्हान विश्वविद्यालय समेत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में योग और नैतिक शिक्षा की पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए रांची विवि और कोल्हान विश्वविद्यालय,प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय के साथ एमओयू करेंगे। यह कहना था राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का।

संस्कारयुक्त शिक्षा दें : वीमेंस कॉलेज में कोल्हान विश्वविद्यालय और ब्रह्कुमारीज के संयुक्त तत्वाधान में शनिवार को आयोजित शिक्षाविदों के सम्मेलन में मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि विद्यार्थियों को संस्कारयुक्त शिक्षा देना है। धीर-धीरे राज्य के दूसरे विश्वविद्यालय भी एमओयू कर नैतिक और योग शिक्षा को कोर्स में शामिल करेंगे।

मूल्य आधारित शिक्षा जरूरी : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राज्य में प्राथमिक कक्षाओं से ही योग और नैतिक शिक्षा मिलनी चाहिए। वह इस संबंध में पहल करने वाली हैं। ब्रह्मकुमारीज के शैक्षणिक संस्थान भी इस दिशा में कार्यरत हैं। विश्वभर में आठ हजार केंद्र कार्यरत हैं। वह खुद भी इससे जुड़ी हैं। इससे पहले कार्यक्रम में स्वागत भाषण कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. शुक्ला मोहंती ने दिया। कार्यक्रम का संचालन सेफाली बहन ने किया। मौके पर कोल्हान विवि के प्रोवीसी डॉ. रणजीत प्रसाद सिंह, कुलसचिव डॉ. एसएन सिंह, प्रॉक्टर डॉ. एके झा, वीमेंस कॉलेज की प्राचार्य डॉ. पूर्णिमा कुमार, विभिन्न कॉलेज व स्कूल के प्राचार्य सहित कई शिक्षक व छात्राएं उपस्थित थीं।

शिक्षा सिर्फ नौकरी के लिए नहीं : कुलपति डॉ. शुक्ला मोहंती ने कहा कि आज केवल नौकरी के लिए शिक्षा दी जा रही है। नैतिक मूल्यों का हास हो रहा है। इस कारण परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थानों में समस्या हो रही है।

शिक्षा और संबंधों का हो रहा व्यवसायीकरण : प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शिक्षा प्रमुख मृत्युंजय भाई ने कहा कि शिक्षा और संबंधों का व्यवसायीकरण हो रहा है। हमें आध्यात्मिक शिक्षा और योग के सहारे नकारात्मक चीजों को दूर करना है। अभी मनुष्य का अपराधीकरण हो रहा है। शिक्षा का निजीकरण हो रहा है। इंसानों के बीच सांप्रदायिकता की भावना पैदा की जा रही है। इन सभी से बचने के लिए कॉलेजों और स्कूलों में नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनके विश्वविद्यालय थॉट लेबोरेटरी की स्थापना की गई है। यह काफी कारगर सिद्ध हो रही है। यूजीसी ने भी मान्यता दी है।

ध्यान का कराया अभ्यास : सम्मेलन के दौरान ब्रह्माकुमारीज़ जमशेदपुर की प्रमुख अंजू बहन ने पांच मिनट के मेडिटेशन का अभ्यास कराया। इसमें राज्यपाल, कुलपति, जिला प्रशासन के पदाधिकरी, विभिन्न कॉलेजों से आए प्रिंसिपल, शिक्षक व विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।