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  ब्रह्माकुमारी संस्था ने समर्पण, निष्ठा, अनुशासन, दृढ़ संकल्प, विवेचना और अपने दृष्टिकोण से समाज व विश्व के लिए जो कार्य किया है, वह अविस्मरणीय है। संस्था ने विगत 79 वर्षोंर् से विश्व के कोने-कोने में हर प्रकार के विभाजन को तोड़ने का सफल प्रयास किया है। ब्रह्माकुमारी॰ज विश्व के लिए आश्चर्य है। इनके पास विश्व को बदलने के लिए एक वि॰जन है। यह संस्था लोगों को अच्छा बनाने का श्रेष्ठ कार्य कर रही है। इस संस्था ने समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए कार्य किया है। यहाँ के भाई-बहन निःस्वार्थ सेवा में लगे हुए हैं। वर्तमान समय संस्था मूल्यों के विकास में सराहनीय कार्य कर रही है।

डॉ. भास्कर राव
चेयरमैन, सेंटर फॉर मीडिया स्टडी॰ज, दिल्ली

 

मैं इतने सालों बाद यहां आई हूं जो मैंने बहुत मिस किया। संस्था ने जो चेतना जगाई है वह विश्व की चेतना है। ब्रह्माकुमारी बहनों ने हर चीज को पवित्रता के साथ आगे बढ़ाया। राष्ट्रनीति को जगाने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ ने बड़ा काम किया है। आज देश में ‘राष्ट्रनीति’ को बढ़ाने की जरूरत है।

अनुराधा प्रसाद, चीफ एडिटर, न्यूज 24, नोएडा 

 

मानसिक सशक्तिकरण के बिना हर प्रयास व्यर्थ है और इस संस्थान का प्रथम विचार ही मानसिक सशक्तिकरण से शुरू होता है। इस सशक्तिकरण का प्रभाव आज पूरे विश्व के सामने आता जा रहा है। मन के परिवर्तन से ही अन्य सकारात्मक परिवर्तन किये जा सकते है।

गुलाब कोठारी, मुख्य संपादक, राजस्थान पत्रिका, जयपुर

  यहां आज हुए अनुभव को शब्दों मे बयां करना मुश्किल है। दिल्ली मे ऋणात्मक वातावरण है। कहीं भाई-भाई से लड़ रहा है तो कहीं राजनेता। जो लोग नहीं झगड़ रहे हैं वे दूसरों की चिंता में दुखी हो रहे हैं। ऐसी दुनिया में पिता परमेश्वर से प्रेम की सीख देना सचमुच अद्भुत है। मध्यप्रदेश सरकार ने हैप्पीनेस मिनिस्ट्री बनाई है, ऐसा देश भर में होना चाहिए। खुश रहने के लिए अपने आप से प्यार करें और हिम्मत से सबको बढ़ाएं। संस्थान के बारे में कहा कि वे बचपन से ही इससे जुड़े थे मगर पत्रकारीय जीवन की व्यस्तताओं के कारण सब पीछे छूट गया, आज फिर उस ऊर्जा, शक्ति पुंज को यहां पर पा लिया है। यह संस्थान दुनिया का आध्यात्मिक रोशनदान है, जिसे खिड़की बनाने की जरूरत है।

दीपक चौरसिया, इंडिया न्यूज के एडिटर इन चीफ, नोएडा

  संस्थान में आकर वे खुद आध्यात्मिक रूप से बहुत ही उन्नत और समृद्ध महसूस कर रहे हैं। इन तरंगों से मैं अभीभूत हूँ। ऐसा लग रहा है कि हम किसी बाहरी गरीब देश से एक अमीर देश में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसके बाद आजकल देशभक्त ट्विटर आर्मी का नाम लिया जाता है। मगर यहां आकर यह महसूस हुआ कि अब हमें स्प्रिच्युअल आर्मी की जरूरत है। आज देश के सामने सवाल यह है कि हमारे 130 करोड़ लोगों के चरित्र की, उनकी आध्यात्मिक रक्षा कौन करेगा। तब पूरा देश ब्रह्माकुमारीज़ की तरफ देखता है।

सुधीर चौधरी, जी न्यूज के वरिष्ठ सम्पादक

  दिनोंदिन व्याधियां बढ़ती जा रही है, विश्व संकट के दौर से गुजर रहा है, टीवी चैनेल पर मन विचलित करने वाली बातें आ रही है। इसमें ब्रह्माकुमारी परिवार की जितनी तारिफ की जाय उतनी कम है। ब्रह्माकुमारीज़ का मेसेज प्रेरणास्त्रोत बन रहा है।

मार्कंडेय अधिकारी, सब टीवी ग्रुप, मुंबई के वाईस चेअरमन

  जीवन में सब कुछ हो और शांति ना हो तो जीवन व्यर्थ है। परन्तु इस भागदौड़ भरी जिन्दगी में शांति की तलाश के लिए परमात्मा की शरण जरूरी है। यह कार्य ब्रह्माकुमारीज संस्थान कर रहा है।

कनक सेन डेका, सम्पादक, दैनिक अग्रदूत, गुवाहाटी

  जिसने शिवबाबा के ज्ञान को इस संसार में पूरे विश्व में प्रचारित  करने में अपना जीवन लगा दिया ये आप सब के जीवन में सीखने की शिक्षा के निमित्त एक परिभाषा है। जब मैं पहली बार आया था तो एक पत्रकार बनकर आया और जाकर चैनल का मालिक बन गया। परमात्मा सब कुछ ज्ञान से भर देता है।

अतुल अग्रवाल, एडिटर इन  चीफ, हिन्दी खबर, नोएडा

  दुनिया मे संस्कृतियां बहुत है, धर्म बहुत है, राजनीति की दिशाएं बहुत है लेकिन भौतिकता की अग्रि में विश्व की मानवता मृत  प्राय: हो चुकी है। ऐसे में ब्रहमाकुमारीज संस्थान रोशनी की किरण है। जहॉं से सभी समस्याओं का समाधान होगा।

– संजय कुलश्रेष्ठ, एडिटर इन चीफ, न्यूज नेशन, नोएडा

  माउंट आबू को हिंसा व शराब से मुक्त क्षेत्र बनाकर आध्यात्मिक नगर घोषित किया जाए। यहां प्राकृतिक तौर पर वातावरण विकसित किया जाए। साथ ही यहां ऐसा वातावरण बनें कि इसे देश-दुनिया का आध्यात्मिक नगर के नाम से जाना जाए। सभा में मौजूद दस हजार से अधिक लोगों ने इस प्रस्ताव पर ताली बजाकर समर्थन दिया।

संतोष भारतीय, चौथी दुनिया के एडिटर

यह संस्था हर परिवार और विश्व के लिए एक रोल मॉडल है। यहां जैसा परिवार पूरे विश्व में कहीं भी देखने को नहीं मिलता है। इस संस्थान में वे सभी पारिवारिक मूल्य मौजूद है जो एक परिवार को जोडऩे के लिये जरूरी होते है और इसके साथ ही साथ संस्थान ने वसुधेव कुटुम्बकम् की भावना को व्यावहारिकता में लाया है।

अनुराग बत्रा, चेयरमैन एवं एडिटर इ्रन चीफ, बिजनेस वल्र्ड, दिल्ली

मनुष्य के जीवन में हेल्थ के साथ वेल्थ की भी जरूरत होती है। यह चीजें तब अच्छी है जब उसके साथ मानसिक शांति है। इन तीनो चीजों के अंदर मानसिक सामंजस्य हो। यह संस्थान विश्व शांति का मिसाल है।

-शैलेष कुमार, समूह सम्पादक,  पीटीसी न्यूज,  दिल्ली

यहां ममता के आंचल में बसता है प्रेम

ब्रह्माकुमारी संस्था सभी को प्यार, मोहब्बत, और सेवा सिखाती है। यह एक ममता भरी संस्था है जहां ममता के आंचल में प्रेम सिखाया जाता है। यहां मैंने जीवन में पहली बार आंखों में झांककर अपने आप को देखा है। यहां आकर मुझे बहुत ही खुशी और प्रसन्नता हुई। देश की अगली पीढ़ी को संवारना मुश्किल लग रहा है, लेकिन ब्रह्माकुमारी संस्था के सुविचार को फैलाया जाए तो अगली पीढ़ी में अच्छे संस्कारों का निर्माण हो सकेगा।

रवीना टंडन , सुप्रसिस्द्ध फिल्म अभिनेत्री, मुम्बई

  बाजार की शक्तियों के बीच जीवन मूल्यों की शिक्षा देना और मूल्यों का प्रचार – प्रसाद करना बहुत मुश्किल काम है जो ब्रह्मकुमारी संस्थान बखूबी कर रहा हैं ।यह अद्भूत संस्थान है, इसस मौं पिछले 10 सालों से जुड़ा हुआ हूँ । जब भी यहाँ आता हूँ, खुद को हर बार यहाँ पर बार यहाँ के लोगों से बहुत छोटा पाता हूँ ।छोटेपन का यह अहसास ही मुझे यहाँ पर खिंच लता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संस्थान को स्वच्छ भारत और ऊर्जा के क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने का जो भागीरथ कार्य दिया है, उसमें यह संस्थान पूर्ण रूप से सफल होगा । यह चिंता की बात है कि आज देश का जी.डी.पी. बढ़ रहा है । मगर यू.एन.के हैप्पीनेस इंडेक्स में हमारा नंबर साल दर साल पीछे आता जा रहा है । इस इंडेक्स में ख़ुशी की पुनर्स्थापना का काम कोई कर सकता है तो वह सिर्फ ब्रह्मकुमारीज़ हैं ।

एन.के.सिंह, ब्रॅाडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्टरी व वरिष्ट पत्रकार. दिल्ली 

  भारत में शिक्षा, सामाजिक परिवेश एवं राजनीति में बदलाव की अति आवश्यकता है । जब सब लोग कहते हैं कि परमात्मा एक है तो इतना मत – मतांतर, धर्म – पंथ, मान्यताएं आदि क्यों? हम कहते हैं हम सब एक हैं तो इस बात में कुछ त्रुटि तो नही । यदि भगवान हर जगह होगा तो समस्या तो होंगी ही नहीं । मैं इतने समय से ब्रह्मकुमारीज़ के सम्पर्क में हूँ तो मेरे अंदर भी काफी बदलाव आया है ।यहाँ से सभ्य समाज का निर्माण अति सहज तरीके से हमारी बहनें कर रही हैं । मैं इनको एस अवसर पर बहुत – बहुत बधाई देता हूँ।

आर. सी.रैना, नवग्रह टी.वी. के सी.ई.ओ.

  The fourth pillar of democracy was seeing a downfall in values as media groups were now becoming handmaids of business houses. The Brahma Kumaris is  the only organisation of its kind in the world run by women on such a large scale, and added that society needed the mantra of Om Shanti more than ever before because it was under extreme stress.

Rajiv Ranjan Nag, Veteran Journalist, Delhi

  Peace was a pre-requisite to progress; it begins from the self and spreads to the world. Peace is gained when we organise and manage our life, especially when there are challenges, and fill ourselves with gratitude and forgiveness.

Dr. Archika, MD, Disha TV, Delhi

  The atmosphere here is filled with peace and love… All of us will be returning home happier and more satisfied.

P.P. Wangchuk, Editor-at-Large, Hindustan Times, Delhi

  In the present time of insecurity and instability, Brahma Kumaris is doing great service through its centres round the world. The media houses should highlight its work, noting that TV channels were inundated with negative images.

Markand Adhikari, Vice-Chairman and Managing Director, SAB Group, Mumbai

  In the fast-paced modern life, people were missing the experience of happiness, peace, and contentment, which reside in one’s heart.

Kailash Adhikari, Director, Governance Now, Mumbai