Yoga not only Enlightens the Body but also the Soul, Says PM Narendra Modi on IDY-2017

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Yoga has played big role in connecting the world with India: PM Modi

Lucknow: Indian Prime Minister Narendra Modi on Wednesday urged everyone to make Yoga a part of their lives and said that it has played a big role in connecting the world with India.

“Many countries which do not know our language, tradition, or culture, are now connecting to India through Yoga. The practice, which connects body, mind and soul, has played a big role in binding the world too,” PM Modi said while leading the third International Yoga Day celebrations in Lucknow.

Donning a white t-shirt and loose trousers, Modi also performed asanas along with over 50,000 yoga enthusiasts braving early morning drizzles.

“Earlier, Yoga was only restricted to saints and seers in the Himalayan mountains. Now, it has become part of every person’s life,” he said in his address.

He also asserted that attaining “wellness” through yoga was more important than simply being physically fit.

“It is not important to perform yoga for 24 hours. 50 or 60 minutes (is fine) because it lends harmony to the body, mind and intellect. If 1.25 billion Indians and people around the world can attain this state of well-being, then humankind can also tide over problems born out of human thoughts,” he said.

He also explained the importance of Yoga using an analogy of salt.

“Just as the importance of salt is not only to lend taste to food, but also ensure well-being of the body, similarly Yoga can have the same importance as salt has in life,” he said.

He said yoga is like free health assurance. “It is not even expensive to practice,” he said.

“I urge everyone to make yoga a part of their lives,” he said, adding that he was glad to see several yoga institutes take shape over the last three years.

Uttar Pradesh governor Ram Naik and chief minister Yogi Adityanath joined the Prime Minister in performing yoga at the sprawling venue.

In his address, Adityanath thanked Modi for enhancing Yoga’s reputation globally.

Intermittent rains since morning failed to deter thousands of yoga enthusiasts, who enjoyed performing asanas fully drenched.

Three years ago, Modi had persuaded the United Nations to declare June 21 as the International Yoga Day.

Here are the Top 5 quotes from his address:

  1. Like salt is essential to food, yoga is important to lead a healthy life
  2. Yoga has played a big role in connecting the world too. Today, yoga has become a part of so many lives. Yoga’s popularity outside India is high and has connected the world with India
  3. Yoga not only enlightens the body but also the soul
  4. Wellness more important than simply physical fitness. Yoga is about health assurance. It is not even expensive to practice
  5. In addition to fitness, wellness is important. Yoga is a medium to achieve wellness

Highlights:

  • PM Modi said that Yoga is connecting the world.
  • The PM also described Yoga as a free health life insurance.
  • UP governor Ram Naik, CM Adityanath joined the PM in Yoga celebrations.

Full Text of Speech in Hindi:

मंच पर विराजमान सभी सम्मानीय महानुभाव और विशाल संख्या में पधारे हुए सभी योग प्रेमी भाइयो और बहनों,

देश के भिन्‍न-भिन्‍न कोने में भी इसी प्रकार से कार्यक्रम में उपस्थित सभी योग प्रेमियों को भी मैं आज लखनऊ की धरती से प्रणाम करता हूं।

योग की एक विशेषता है मन को स्थिर रखने की, किसी भी प्रकार के उतार-चढ़ाव के बीच भी स्‍वस्‍थ मन के साथ जीने की कला योग से सीखने को मिलती है। लेकिन आज, मैं लखनऊ के इस विशाल मैदान में हजारों लोगों को देख रहा हूं, और ये लोग ये भी एक संदेश दे रहे हैं कि जीवन में योग का तो महत्‍व है ही है, लेकिन अगर बारिश आ जाए तो योग मेट का भी कैसे उपयोग हो सकता है, योग दरी का उपयोग कैसे हो सकता है; ये भी लखनऊ वालों ने दिखा दिया है। लगातार बारिश के बीच भी आप सब यहां डटे हुए हैं, योग के महात्‍म्‍य को बल देने का आपका ये प्रयास अभिनदंनीय है।

योग ने स्‍वयं भी व्‍यक्ति से समस्‍ती तक की यात्रा करनी शुरू की है। एक वक्‍त था जब योग हिमालय में गुफाओं में ऋषियों, मुनियों, मनीषियों का ही साधना का मार्ग हुआ करता था। युग बदलते गए, सदियां बीतती गईं; आज योग घर-घर का, जन-जन का, उसके जीवन का हिस्‍सा बन रहा है। विश्‍व के अनेक देश, जो न हमारी भाषा जानते हैं, न हमारी परम्‍परा जानते हैं, न हमारी संस्‍कृति से परिचित हैं, लेकिन योग के कारण आज पूरा विश्‍व भारत के साथ जुड़ने लगा है। योग- जो शरीर, मन, बुद्धि को जोड़ता है, वो योग आज विश्‍व को अपने साथ जोड़ने में बहुत बड़ी अहम भूमिका अदा कर रहा है।

United Nations ने सर्वाधिक वोटों से कम से कम समय में जब योग को अंतर्राष्‍ट्रीय दिवस के रूप में स्‍वीकृति दी, तब से ले करके आज दुनिया का शायद ही कोई देश होगा जहां पर योग के संबंध में कोई कार्यक्रम न होता हो, योग के प्रति आकर्षण न बढ़ा हो, जागरूकता न बढ़ी हो।

पिछले तीन वर्ष में योग के कारण अनेक नई-नई Yoga Institutes आज develop हुई हैं। पिछले तीन वर्ष में बहुत बड़ी मात्रा में योगा के टीचरों की मांग बढ़ी है। योगा की Training Institutes में भी नौजवान योगा को एक profession के रूप में स्‍वीकार करते हुए अपने-आप को तैयार कर रहे हैं। दुनिया के सब देशों में योगा के टीचर की मांग हो रही है। विश्‍व में एक नया Job Market योगा के द्वारा तैयार हो रहा है। और भारत के लोगों की प्राथमिकता सारी दुनिया में सबसे पहले रहती है।

एक जमाना था हर कोई अपने-अपने तरीके से योग करते थे। धीरे-धीरे उसका Standardization, उसके stages, योग में कैसे आगे बढ़ना- पहला stage, दूसरा stage, तीसरा stage. धीरे-धीरे वैज्ञानिक तरीके से, विश्‍व में समान रूप से योग की प्रक्रिया को भी Standardize करने की दिशा में भारत में और भारत में और बाहर भी बहुत सारे प्रयास चल रहे हैं।

पिछले वर्ष यूनेस्‍को ने भारत के योग को मानव संस्‍कृति की एक अमर विरासत के रूप में मान्‍यता दी है। विश्‍व के संगठन स्‍कूलों में, collages में बालकों को योग की training मिले, बालक योग से जुड़ें, और धीरे-धीरे वो जीवन का हिस्‍सा बन जाएं, उस दिशा में जागरूकता बढ़ती चली गई है। आज भारत में भी कई राज्‍य ऐसे हैं जिन्‍होंने योग को शिक्षा का एक उपक्रम बनाया है ताकि हमारी भावी पीढि़यां हमारे सदियों पुराने इस विज्ञान से परिचित हों, उसके अभ्‍यासु बनें, और वे उनके जीवन का हिस्‍सा बनें।

Health के लिए कई प्रकार के प्रकल्‍प होते हैं, लेकिन fitness से भी ज्‍यादा, healthy होने से भी ज्‍यादा wellness का महत्‍व होता है। और इसलिए wellness को जीवन में सहज प्राप्‍त करने के लिए योग एक बहुत बड़ा माध्‍यम है। आज योग के सामने कहीं पर भी दुनिया में सवालिया निशान नहीं है। समयानुकूल परिवर्तन होते रहे हैं, विश्‍व के भिन्‍न-भिन्‍न समाज उसमें कुछ न कुछ जोड़ते रहे हैं। स्‍थल, काल, परिस्थिति के अनुकूल, आयु के अनुकूल, योग में उत्‍तरोत्‍तर विकास होता रहा है, उसका विस्‍तार भी होता रहा है। और इसलिए इस महत्‍वपूर्ण अवसर पर मैं देश और दुनिया के लोगों को, योग को जीवन का हिस्‍सा बनाने के लिए आग्रह करता हूं। हमें योग के मास्‍टर बनें या न बनें, हम योग में achiever बनें या बनें, लेकिन हम योग के अभ्‍यासु बन सकते हैं। और जिस समय पहली बार योग करते हैं, तो पता चलता है कि हमारे शरीर के कितने महत्‍वपूर्ण अंग हैं, जिसकी तरफ हमारा कभी ध्‍यान नहीं गया, कितने बेकार होते गए हैं। और जब योग शुरू करते हैं तो शरीर के अनेक अंग जो सुषुप्‍त अवस्‍था में पड़े हैं, उनकी जागृति को हम खुद अनुभव कर सकते हैं। उसके लिए कोई बड़ी दिव्‍य चेतना की आवश्‍यकता नहीं होती। जिन्‍होंने पहली बार योग किया है उन सबको पता चलता है कि मेरे शरीर के अंग सुषुप्‍त पड़े थे, योग शुरू करने से ही उसके भीतर जागृति आने लगी है, चैतन्‍य आने लगा है।