Dadi Janki Presides over Reception Session of Global Summit Cum Expo in Shantivan

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Abu Road (Raj): The reception ceremony of five day Global Summit Cum Expo on Spirituality for Unity, Peace and Prosperity, was held in a grand manner at the international headquarters of Brahma Kumaris at Shantivan in Mount Abu. More than 7000 participants from 140 countries, that included subject specialists, intellectuals and business leaders took part in this ceremony.

Honorable Mr. Faggan Singh Kulaste, Minister of State for Steel, Government of India, was the Chief Guest at this inaugural session. He said that the Brahma Kumaris Organization has shown the right direction to the world in the way women and their rights should be safeguarded. The base tendencies of the human mind can be tamed only by connection with the Supreme Soul. Spirituality helps create goodwill towards one and all.

Dadi Janki, Head of Brahma Kumaris and Brand Ambassador of Swachh Bharat Mission of the Government Of India, welcomed everyone to this summit. She said that connecting with the Supreme Soul is the only way to uplift our lives. All it takes is willingness to surrender and transform. The rest is taken care of by itself. We all must explore and invest in our relationship with God. The feeling of Universal Brotherhood keeps the world together.

Padmashree Dr. G. Bhakthavatsalam, Chairman K.G.Hospital, Coimbatore, was the Guest Of Honor at this ceremony. He shared the fact that more than 46,000 Brahma Kumari sisters are giving the message of peace and spirituality in 140 countries of the world, with the audience. Twelve years ago, Rajyoga changed his life. This organization is a trailblazer of spirituality in the world of today.

Padmashree Ms. Sunitha Krishnan, Founder, Prajwala, Hyderabad, said that violence and sexual abuse against women and girl child has increased to dangerous proportions in this country. The government and society need to break their silence on this issue. Brahma Kumaris Organization is a shining example of women empowerment. Ms. Krishnan has worked tirelessly for the rehabilitation of women and child victims of prostitution and sexual abuse.

The program saw beautiful dance performances by the artists of Nupur Dance Academy fron Bidar in Karnataka. Little girl dancers won everyone’s hearts with their lively performance. Musical groups from abroad also entertained the audience.

 Hindi News

ओम शांति के आध्यात्मिक उद्घोषों के साथ वैश्विक शिखर सम्मेलन का जोरदार आगाज
कल उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू करेंगे विधिवत उद्घाटन आध्यात्मिकता द्वारा एकता, शांति और समृद्धि विषय पर मंथन करने के लिए विश्व के 140 देशों से जुटे अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ-विद्वान 1 अक्टूबर तक चलेगा पांच दिवसीय सम्मेलन
– केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका दादी जानकी ने किया शुभारंभ

 ओम शांति के आध्यात्मिक उद्घोषों के साथ राजस्थान के आबू रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन परिसर में एकता, शांति और समृद्धि थीम पर पांंच दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन का शुक्रवार शाम को भव्य आगाज हुआ। स्व परिवर्तन ही विश्व परिवर्तन की कुंजी है और इस दिशा में आध्यात्मिकता सशक्त माध्यम है। सम्मेलन में विश्व के 140 देशों से सात हजार से अधिक विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, विद्वान, राजनीतिक, आध्यात्मिक गुरु और व्यापार जगत की हस्तियों ने शिरकत की है। शनिवार सुबह 10 बजे उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन करेंगे।
समारोह के स्वागत सत्र में मुख्य अतिथि केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि महिलाओं के साथ हो रहे दुराचार, मानवीय कृत्यों की रोकथाम को कारगर प्रयास करना होंगे, जिसके लिए ब्रह्माकुमारीज महिलाओं के संगठन ने समाज को सही दिशा देने का जो बीड़ा उठाया है उसमें हम सबको कंधे से कंधा मिलाकर इस कार्य में सहयोगी बनना होगा। मन की आसुरी वृत्तियों को समाप्त करने के लिए ईश्वर की वास्तविकता को समझने की जरूरत है। यहां आकर ईश्वरीय शक्ति की महसूसता हो रही है। ईश्वर ने यदि आपके इस लायक बनाया है तो आपके मन में सभी के प्रति यह समभाव होना चाहिए। कोई भेद नहीं होना चाहिए न समाज के प्रति, न देश के प्रति और न इंसान के प्रति।
परमात्मा से जुड़कर ही जीवन का उद्धार संभव: दादी जानकी

संस्थान की मुख्य प्रशासिका और स्वच्छ भारत अभियान की ब्रांड एंबेसेडर 103 वर्षीय दादी जानकी ने सभी अतिथियों का स्वागत करने हुए कहा कि परमात्मा से जुड़कर ही जीवन का उद्धार किया जा सकता है। जिसने भगवान को अपना बना लिया, उसे अपने बारे में सोचने की आवश्यकता नहीं है। फिर उसकी पालना स्वयं भगवान करते हैं। इंसान और परमात्मा के बीच बाप और बच्चे का रिश्ता है। दुनिया के हर इंसान को इस रिश्ते को समझने की जरूरत है। जिसने इस रिश्ते का समझ लिया वही परमात्मा की प्रत्यक्षता कर सकता है। वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना ही दुनिया को प्रेम, शांति और एकता के बंधन बांध सकती है।
12 साल पहले राजयोग ने बदला जीवन: पद्यश्री डॉ. भक्तवत्सलम
कोयम्बटूर से पधारे केजी हॉस्पिटल के चेयरमैन पद्यश्री डॉ. जी. भक्तवत्सलम ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज में 46 हजार बहनें विश्व के 140 देशों में शांति और आध्यात्मिकता का संदेश दे रही हैं। 12 साल पहले राजयोग मेडिटेशन ने मेरा जीवन पूरी तरह से बदल दिया। ये संस्था विश्व में मिसाल कायम कर रही है।
सरकार और समाज को मौन तोडऩा होगा: पद्यश्री सुनीता
हैदराबाद से पधारीं प्रज्वला कंपनी की संस्थापक पद्यश्री सुनीता कृष्णनन ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के प्रति देश में यौन अपराधों में तेजी से हिंसा में इजाफा हुआ है। सरकारें और समाज मौन हैं। बच्चियों पर बंदिश लगाने की बजाय घरों में बेटों को ये समझाने की जरूरत है कि स्त्री भोग की वस्तु नहीं है। छोटी-छोटी बच्चियां घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं, ये मौन तोडऩा होगा। ब्रह्माकुमारीज संस्थान महिलाओं की बड़ी सेना के जरिए लोगों को आत्मिक रूप से सशक्त करने में जुटी हुई है। साथ ही ये संस्था महिला सशक्किरण की मिसाल है। बता दें कि पद्यश्री सुनीता ने महिला सशक्तिकरण में अलख जगाकर सैकड़ों महिलाओं और बच्चियों को वैश्यावृत्ति के दलदल से बाहर निकालकर मिसाल समाज में एक मिसाल कायम की है।
कलाकारों ने बांधा समां…

वैश्विक शिखर सम्मेलन के स्वागत सत्र में कर्नाटका बिदार के नुपूर नृत्य एकेडमी के कलाकारों ने जोरदार प्रस्तुति से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। छोटी- छोटी बालिकाओं ने सधे कदमों से नृत्य की जोरदार प्रस्तुति दी। वहीं मधुरवाणी ग्रुप ने अपनी स्वर लहरियों से समां बांधा। संचालन

इन्होंने भी रखे अपने विचार…
–  यूएसए से पधारीं मेरीलैंड की आध्यात्म प्रमुख म्यर्टल ऐनी ब्रिस्टल ने कहा कि यहां देह अभिमानी की बजाय आत्माभिमानी का भान है यदि उसे अंगीकार किया जाए तो विश्व में एकता, शांति और समृद्धि लाई जा सकती है। पश्चिमी देशों में भारत के आध्यात्मिक ज्ञान को बड़ी उम्मीद के साथ देखा जा रहा है। ये संस्था इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
– उड़ीसा बालासोर के फकीर मोहन यूनिवर्सिटी की वॉइस चांसलर प्रो. मधुलिता दास ने कहा कि ये संस्था समाज में सकारात्मक विचारों के माध्यम से लोगों को बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा दे रही है।
– नेपाल से पधारे सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पुरुषोत्तम भंडारी ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान ही दुनिया को बदल सकता है। ये ज्ञान सभी तक पहुंचाने की जरूरत है।
– ब्रह्माकुमारीज के इंदौर जोन की मुख्य क्षेत्रीय समन्वयक ने कहा कि राजयोग ज्ञान से आज लाखों लोगों को जीवन पूरी तरह बदल गया है।
– बिहार के नालंदा सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने कहा कि यहां बहनों में सेवा के प्रति निष्ठा देखकर अभिभूत हूं। महिलाओं में पुरुषों से ज्यादा क्षमता है।

फोटो- वैश्विक शिखर सम्मेलन में प्रस्तुति देते कर्नाटका बिदार के नुपूर नृत्य एकेडमी के कलाकार।
फोटो- वैश्विक शिखर सम्मेलन में उपस्थित विश्व के 140 देशों से पधारे अपने-अपने क्षेत्र के विद्वान व विशेषज्ञ
फोटो- वैश्विक शिखर सम्मेलन के स्वागत सत्र में मंचासीन अतिथि।